kya tum tab bhi aise hi chupchaap tamasha dekhoge | क्या तुम तब भी ऐसे ही चुपचाप तमाशा देखोगे

  - Zia Mazkoor

क्या तुम तब भी ऐसे ही चुपचाप तमाशा देखोगे
इस मुश्किल में फँसने वाली अगर तुम्हारी बेटी हो

  - Zia Mazkoor

Beti Shayari

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    बे-सबब उस के नाम की मैं ने
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