हम तो आपसे अच्छी बातें करते हैं
आप ही हम से ऐसी बातें करते हैं
मिलने पर चुप लग जाती है दोनों को
फ़ोन पर अच्छी खासी बातें करते हैं
लोग तो करते होंगे उसके बारे में
पर जो शहर के दर्ज़ी बातें करते हैं
बिन देखे ईमान नहीं ला सकता मैं
और वो ग़ैर-यक़ीनी बातें करते हैं
पीर फ़कीर तो चुप ही रहते हैं "मज़कूर"
दुनियादार ही दीनी बातें करते हैं
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