Imran Aami

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@imran-aami

Imran Aami shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Imran Aami's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मैं चुप रहूँ तो मेरी आँख बोल पड़ती है चलो किसी को तो इज़हार करना आता है — Imran Aami
यही बहुत है मिरे ग़म में तुम शरीक हुए मैं हॅंस पड़ूँगा अगर तुम ने अब दिलासा दिया — Imran Aami
ये अलग बात कि मैं छोड़ चुका कूज़ा-गरी तेरे जैसे तो मैं मिट्टी के बना सकता हूँ — Imran Aami
हम को हमारी नींद भी वापस नहीं मिली लोगों को उन के ख़्वाब जगा कर दिए गए — Imran Aami
तिरे बग़ैर भी हम जी रहे हैं और ख़ुश हैं ये बात कम तो नहीं है तुझे जलाने को — Imran Aami

Ghazal

आप का हुक्म था सरकार नहीं होने दिया ख़ुद को दुनिया का तलबगार नहीं होने दिया ऐरे-ग़ैरे को ठहरने की इजाज़त नहीं दी दिल को दिल रक्खा है बाज़ार नहीं होने दिया मैं ने शोहरत के लिए मिन्नत-ए-दुनिया नहीं की इस क़दर ज़ेहन को बीमार नहीं होने दिया वरना ये इश्क़ सुहूलत से कहाँ होना था एक पागल ने समझदार नहीं होने दिया शे'र कहने की तलब ने मुझे तोड़े रक्खा और इसी शौक़ ने मिसमार नहीं होने दिया तू फ़क़ीरों के किसी काम का पहले ही नहीं इस लिए भी तुझे बेकार नहीं होने दिया मैं ने उस शख़्स को क्या दिल से उतारा 'आमी' फिर क़बीले ने भी सरदार नहीं होने दिया — Imran Aami