ख़ुदा का शुक्र मेरा ठेकेदार अच्छा है
वगरना कौन ज़हीफों से काम लेता है
मिशाल खान तेरी उँगलियाँ नहीं टूटी
हमारी माँओं के होंटों का लम्स टूटा है
मैं उस हथेली पे रौशन हुआ , उस के बा'द
वही हुआ जो चिराग़ों के साथ होता है
— Zia Mazkoor
वगरना कौन ज़हीफों से काम लेता है
मिशाल खान तेरी उँगलियाँ नहीं टूटी
हमारी माँओं के होंटों का लम्स टूटा है
मैं उस हथेली पे रौशन हुआ , उस के बा'द
वही हुआ जो चिराग़ों के साथ होता है
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