Meem Alif Shaz

Meem Alif Shaz

@John22.

Meem Alif Shaaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Meem Alif Shaaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उस का मुझ को छोड़ने का फ़ैसला सही है 'शाज़' जो वो चाहती थी मुझ में बात वो है ही नहीं — Meem Alif Shaz
आँगन में दीवार खड़ी तो कर लेकिन दिल को बड़ा कर के इक दरवाज़ा भी लगा — Meem Alif Shaz
ये तेरे हुस्न की तौहीन होगी अगर तुझ को न देखूँ चाँद देखूँ — Meem Alif Shaz
हम को मत दिखाओ तुम रौशनी की ये तेज़ी बुझते हम ने कितने ही आफ़ताब देखे हैं — Meem Alif Shaz
नहीं है दाख़िला मुमकिन मोहब्बत का कि तालें लग गए सब के मकानों में — Meem Alif Shaz
कामयाबी देख कर मेरी वो जलता रह गया इस लिए उस की ख़ुशी का दरिया सूखा रह गया — Meem Alif Shaz
ऐ बहारों नाज़ इतना अहद-ए-गुल पर मत करो कल यहीं पर सहरा होगा कल यहीं वीरानियाँ — Meem Alif Shaz
अब न होगा तबीब से भी इलाज वहम नासूर बन गया है मिरा — Meem Alif Shaz
कारवाँ हौसले का सफ़र में है 'शाज़' टूटा तो लूट लेगा सितमगर कोई — Meem Alif Shaz
ग़म के टुकड़े बिखरे पड़े हैं चारों तरफ़ मैं अपने ख़्वाबों का मलबा कहाँ फेकूँ — Meem Alif Shaz
भूल जा उस को कर दूसरी की तलाश इश्क़ में इतना नुक़्सान तो चलता है — Meem Alif Shaz
इस क़दर ख़ूब-सूरत है उस का बदन देखते ही उतर जाए सारी थकन — Meem Alif Shaz
वो ख़ता पर मिरी कुछ न बोला मगर जब गया तो मुझे आइना दे गया — Meem Alif Shaz
उन सेे दिल मिलता नहीं है जो हमारे हैं मगर मिलना पड़ता है तअल्लुक़ को निभाने के लिए — Meem Alif Shaz
वो जवानी थी तुझे हम भी जुनूँ से चाहते थे अब तुझे दुनिया मगर हम मुख़्तसर ही देखते हैं — Meem Alif Shaz
ग़म के टुकड़े बिखरे पड़े हैं चारों तरफ़ मैं अपने ख़्वाबों का मलबा ढूँढूँ कहाँ — Meem Alif Shaz
दुनिया मेरे जिस्म में चुभती रहती है मैं इस को सजदों से हटाता रहता हूँ — Meem Alif Shaz
तुम उसे देखो कभी मेरी नज़र से साहिब-ए-किरदार लगता है किधर से — Meem Alif Shaz
जब भी शक़ ने घेरा मुझ को कोई दवा फिर काम न आई — Meem Alif Shaz

Ghazal

Nazm