भूल मत जाना उस को उभरते हुए

वरना तकलीफ़ होगी बिखरते हुए

उस ने गर बेवफ़ाई की है सब्र कर
वक़्त तो लगता है ज़ख़्म भरते हुए

इस से पहले कि तुझ को भी आए ग़ुरूर
देखले उन को नीचे उतरते हुए

हर किसी की नज़र है हमारी तरफ़
सोचना पड़ता है इश्क़ करते हुए

ये अमीरी तिरी ख़ुशनसीबी है शाज़
लोग मर जाते हैं पेट भरते हुए

— Meem Alif Shaz

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