Alankrat Srivastava

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@AlankratSrivastava

Alankrat Srivastava shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Alankrat Srivastava's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
देखते ही देखते मौसम बदलने लग गया
आँख के तारे की आँखों में मैं खलने लग गया

जो तरक़्क़ी की दुआ करता था मेरी हाँ वही
देख कर मेरी तरक़्क़ी मुझसे जलने लग गया
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Alankrat Srivastava
है हर गीत में इसलिए नाम तेरा
मैं सूरजमुखी हूँ तू मेरा सवेरा

तेरे साथ सब साफ़ आता नज़र है
तेरे बिन था जीवन में पसरा अँधेरा
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Alankrat Srivastava
चार मिसरे जो उस्ताद ने थे दिए
पढ़ के उस्ताद ख़ुद को बताने लगे
Alankrat Srivastava
बस ज़रा देर को बाग़ में बैठी वो
पेड़ पौधे भी ग़ज़लें सुनाने लगे

फूल भी ख़ास भाते न थे हमको पर
साथ तुम थी तो काँटें सुहाने लगे
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Alankrat Srivastava
हमें पूछो कठिन कितना किसी का दिल चुराना है
उन्हें क्या है उन्हें तो बस ज़रा का मुस्कुराना है
Alankrat Srivastava
ज़िन्दगी की उलझनों की फ़िक्र करना छोड़ कर हम
तेरी ज़ुल्फों में उलझने की तमन्ना कर रहे हैं
Alankrat Srivastava
जीवन को गुलज़ार करें क्या
क्या कहती हो प्यार करें क्या

तुमको चूमा ग़लती कर दी
ग़लती फिर इक बार करें क्या
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Alankrat Srivastava
हमें सुन कर नई नस्लें मुहब्बत करना सीखेंगी
ग़ज़ल में इसीलिए अपनी उदासी बो नहीं सकते
Alankrat Srivastava
लाख दुनिया की नज़र में हम बुरे बन जाएँ लेकिन
अपनी माँ के आँख के तो हम सितारे ही रहेंगे
Alankrat Srivastava
भरी आवाज़ से ही ग़म का अंदाज़ा लगा लेना
वो क्या है ना कि लड़का हूँ सो खुल के रो नहीं सकता
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जीत ले दुनिया को बिन हथियार के
कृष्ण की बंसी में ऐसे राग हैं
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सुर नहीं कहीं भी ऐसे कोई भी सितार में
सुर जो बोली में है तेरी है तेरी पुकार में

मंदिरों में मस्जिदों में बन नहीं सके मगर
आदमी बने हैं आदमी पड़े जो प्यार में
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Alankrat Srivastava
प्रेम की है बात गीत में मगर जो गीत है
गीत वो लिखा गया है तेरे इंतिज़ार में
Alankrat Srivastava
नास्तिक भी गर तेरी ये मुस्कुराहट देख लें तो
छोड़ कर विज्ञान तेरे रूप की पूजा करेंगे
Alankrat Srivastava
किसी महफ़िल में हम जब प्यारे प्यारे शेर कहते हैं
तेरे भौं के इशारे के सहारे शेर कहते हैं

नहीं कुछ ख़ासियत मेरी है मेरे शेर कहने में
सभी आशिक़ सभी प्रीतम तुम्हारे शेर कहते हैं
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Alankrat Srivastava
लहरें कितनी भी प्रबल हो हम किनारे ही रहेंगे
हम तुम्हारे थे तुम्हारे हैं तुम्हारे ही रहेंगे

गर ग़ज़ल में बात उसकी हो रही है तो ये तय है
कहने वाले कोई भी हों शेर प्यारे ही रहेंगे
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Alankrat Srivastava
गर ख़ुदा की हम इबादत कर रहे हैं
जान लेना तेरी चाहत कर रहे हैं

आशिक़ी से तौबा तौबा करने वाले
देख कर हमको मुहब्बत कर रहे हैं
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Alankrat Srivastava
याद उसको भी मेरी तड़पाएगी
देखना वो लौट करके आएगी
Alankrat Srivastava
तुमसे सुंदर होंगी तो होंगी बस राधा रानी जू
वरना तो तीनों लोकों में तुमसा सुंदर कोई नईं
Alankrat Srivastava
दिल की कमज़ोरी मेरी पहचान, प्यारी
उड़ती ज़ुलफ़ें और ये मुस्कान प्यारी
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