देखते ही देखते मौसम बदलने लग गयाआँख के तारे की आँखों में मैं खलने लग गयाजो तरक़्क़ी की दुआ करता था मेरी हाँ वहीदेख कर मेरी तरक़्क़ी मुझ से जलने लग गया— Alankrat Srivastava