Hijrat Shayari - Separation, exile, and leaving behind emotions in poetic words

Hijrat shayari captures the deep pain of leaving—whether it is a place, a person, or a part of your past. It reflects emotions of judai, distance, and silent longing. These verses beautifully express the ache of separation and the journey of moving forward with memories.

What is Hijrat Shayari?

Hijrat shayari is poetry that expresses the pain of leaving someone or something behind. It reflects emotions of separation, migration, and the silent struggle of moving on.

Hijrat Shayari in Hindi

Express the pain of leaving and separation through hijrat shayari in Hindi language.

वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है — Azm Shakri
सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है हर घर में बस एक ही कमरा कम है — Javed Akhtar
तेरे जाने में और आने में हम ने सदियों का फ़ासला देखा — Sudarshan Fakir
जहाँ जो था वहीं रहना था उस को मगर ये लोग हिजरत कर रहे हैं — Liaqat Jafri
जो देखने में बहुत ही क़रीब लगता है उसी के बारे में सोचो तो फ़ासला निकले — Waseem Barelvi
कभी न लौट के आया वो शख़्स, कहता था ज़रा सा हिज्र है बस सरसरी बिछड़ना है — Subhan Asad
ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बा'द — Kaifi Azmi
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता — Bashir Badr
मैं अपनी हिजरत का हाल लगभग बता चुका था सभी को और बस तिरे मोहल्ले के सारे लड़के हवा बनाने में लग गए थे — Vikram Gaur Vairagi

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Hijrat Shayari on Life

Poetry that reflects life’s journeys, changes, and the emotional weight of moving on.

तेरा रुख़सत होना अब भी बाक़ी है तेरी ख़ुशबू परछाईं से आती है — Gopesh "Tanha"
रास्ता है कि कटता जाता है फ़ासला है कि कम नहीं होता — Qabil Ajmeri
वक़्त आज हम सेे रुख्शत है तो क्या वक़्त है गुजर जाएगा गुजरने दीजिये — karan singh rajput
भारी मन से निकले उस के दिल से हम हिजरत करना किस को अच्छा लगता है — Pawan
ये जो हिजरत के मारे हुए हैं यहाँ अगले मिसरे पे रो के कहेंगे कि हाँ — Ali Zaryoun
दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला — Abrar Kashif
दुश्मन-ए-जाँ ही सही साथ तो इक उम्र का है दिल से अब दर्द की रुख़्सत नहीं देखी जाती — Akhtar Saeed Khan
तुम्हारी रुख़्सत से हम भला क्यूँँ अकेले पड़ते तुम्हारा दुख आजतक तुम्हारी जगह खड़ा है — Adnan Mohsin
कर दिए जहाँ रुक्सत-ए-कश्ती है वहीं कब से खड़े मुद्दत हुई हम मुंतज़िर खुदके यहाँ फिर लौटने — Zain Aalamgir
मुझ को तेरा मिलना बिछड़ना याद है बिन बात वो लड़ना झगड़ना याद है — karan singh rajput

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Hijrat Shayari on Love

Heartfelt verses capturing the pain of leaving a loved one behind.

बहुत याद आते है वो लोग जिन का बिछड़ना फ़क़त हादसा होता है इक — karan singh rajput
मुझ सेे बिछड़ना तेरी मजबूरी सही कुछ भी नहीं तो मीलों की दूरी सही — karan singh rajput
अपनी कहानी फिर कभी पूरी सही मुझ सेे बिछड़ना तेरी मजबूरी सही — karan singh rajput
तुम ने हिजरत का इरादा कर लिया तुम क्या जानो दिल के अंदर क्या हुआ — Shajar Abbas
दरमियाँ जिस्म-ओ-जां फ़ासला हो गया नाम 'मय्यत' हर इक शख़्स का हो गया — Javed Aslam
ख़ुदा के ही हुक्म से तू बे-वफ़ा बनी है, मतलब साफ़ है ख़ुदा हिजरत चाहता है मेरे इश्क़ की क़ुर्बानी साथ में — A R Sahil "Aleeg"
उस सेे मिलना और बिछड़ना कल परसों की बात लगे है — Pawan
भेज रहे हो मुझ को ख़ुदस दूर मगर ये तो सुन लो पाँव नहीं दुखते हैं जानाँ दिल दुखते हैं हिजरत में — Ashutosh Kumar "Baagi"
बुजुर्गों की रिवायत अब सँभालो तुम हुई है उम्र 'साहिल' वक़्त-ए-रूख़्सत है — A R Sahil "Aleeg"
बड़ी शिद्दत से उस के इश्क़ को हम ने नकारा था मगर अब उस की यादों से तो हिजरत ही नहीं मिलती — Aditya

You can also feel deeper emotions through love shayari .

Hijrat Shayari with Meaning

Understand the deeper emotions behind hijrat poetry with simple explanations.

कूचा-ए-कल्ब से ये कहके की उस ने हिजरत मेरा इस उजड़े हुए कूचे में दम घुटता है — Shajar Abbas
हुई हिजरत कहाँ कश्मीर से अपनी अभी भी वादियों में ख़ून है अपना — Kush Pandey ' Saarang '
हम जो तेरे दिल में समाए रहते है देखो अब इस से हिजरत कर जाएँगे — ALI ZUHRI
आख़िरश जब कर लिया इश्क़ तो ये भी जान लो वक़्ते-रुख़्सत है जनाजे़ की तैयारी कर लो तुम — A R Sahil "Aleeg"
वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा — Aasif Buldhanvi
हसीन लड़कियों की मैं पहुँच से काफ़ी दूर हूँ जो सच कहूँ तो एक हाथ का भी फ़ासला नहीं — Rohit tewatia 'Ishq'
उस एक शख़्स की हिजरत की दास्ताँ सुन के शजर पे सारे परिंदे उदास बैठे हैं — Shajar Abbas
फ़ासला हो भले पर रहेंगे सदा रेल की पटरियों की तरह साथ हम — SHIV SAFAR
चमन से भँवरा हिजरत कर रहा है गुलों में गिर्या ज़ारी हो रही है — Shajar Abbas

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Hijrat Shayari on Emotions

Verses that express inner feelings of distance, longing, and silent pain.

बहुत सोच कर तुम मुझे मिलने आना बिछड़ना पड़ेगा मिलन बा'द हम को — Himanshu Upadhyay Som
दर्द वहशत और हिजरत से लबालब हों घड़े जो लाओ रख दो सामने मैं आज फिर उलझा हुआ हूँ — Anmol Mishra
इश्क़ की आदत से मजबूर थी वो भोली लड़की वरना दुल्हन बन के रुख़सत हो जाती अब तक — Meem Alif Shaz
ये फ़ुर्क़त रंज ग़म रुसवाई हिजरत हिज्र तन्हाई हैं हम पर ये सभी दौलत मगर ये जी नहीं लगता — Shajar Abbas
मुसलसल बढ़ रहा है फ़ासला अब कि मुझ में और अच्छे आदमी में — Sarvjeet Singh
कर चुके जंगल से हिजरत सब परिंदे तेरी यादों से मैं हिजरत कर रहा हूँ — Rovej sheikh
बिछड़ना हमारा दिखावा था केवल अलग हम बहुत पहले ही हो चुके थे — RAAHI
वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा — Aasif Munawwar
ग़म-ए-जुदाई के सागर में डूब जाने दे पिला दे नीट कि साक़ी न अब मिला पानी — Ajeetendra Aazi Tamaam

For similar emotional expressions, read tanhai shayari .

2 Line Hijrat Shayari

Short and powerful two-line hijrat shayari capturing deep separation feelings.

दुनिया वालों से ज़रा सा यार फ़ासला रखो करना है अगर अलग तो मन में हौसला रखो — Adarsh Akshar
दिल लगाओ अबकी तुम, हिजरत करेंगे हम फिर बताना दर्द मीठा है कि कड़वा है — Shubham Rai 'shubh'
फिर मुहब्बत करने की जब सोची मैं ने यार फिर हिजरत की आई याद मुझ को — AMAN RAJ SINHA
यही सोच कर तुम को रुख़सत किया है रहे साथ तुम तो मेरी मात होगी — Hafiz Qureshi
वक़्त ए रुख़्सत नज़र चुरा ली थी तेरी हिम्मत की दाद देता हूँ — Wajid Husain Sahil
रुख़सत किया है सब को हर बार ही ख़ुशी से मेरे ग़मों को काटे आमद नए ग़मों की — Chetan
सादापने को देख के आया वो एक शख़्स पेचीदगी को जान के रुख़्सत भी हो चुका — Aqib khan

Short Hijrat Shayari

Concise hijrat shayari lines perfect for quick emotional expression.

फ़ासला महसूस होने जब लगे तो याद रखना हम ज़ियादा वक़्त लेते भी नहीं हैं फ़ैसले में — Ganesh gorakhpuri
जहाँ से कर गए हिजरत मोहब्बत के सभी जुगनू वहाँ पर छोड़ देती हैं ये ख़ुशियाँ आना जाना भी — SALIM RAZA REWA
उस को आसानी से करो रुख़सत मुश्किलें अपनी क्यूँ न तय कर लो — Chetan
यूँँ तख़्त-गाह से रब का तबादला देखा इसी बिना पे फ़रिश्तों में फ़ासला देखा — Nikhil Tiwari 'Nazeel'

Hijrat Shayari for WhatsApp Status

Perfect hijrat lines to share your feelings of distance and goodbye on WhatsApp.

ये जान लो तुम आज ही हम को बिछड़ना एक दिन — Vinod Ganeshpure
रुख़्सत तुझ को होते देखे ख़ुद को कैसे रोते देखे — Afzal Sultanpuri
या-रब कटे है उम्र हिजरत में मिरी आख़िर कहाँ पे आब-ओ-दाना है मिरा — Kabiir
मिलना बिछड़ना चलता रहेगा तेरा न होना खलता रहेगा — Vinod Ganeshpure
इतनी जल्दी तो मैं रुख़सत नहीं ले पाऊँगा ज़िंदगी मुझ को तिरा हक़ भी अदा करना है — salman khan "samar"
यूँँ दर्द-ए-जुदाई में जीने से तो बेहतर है दरिया में उतर जाना दुनिया से गुज़र जाना — Saif Dehlvi
मिलना बिछड़ना यूँँ नहीं खिलना कहीं मरना कहीं — Vinod Ganeshpure
ये साल भी रुख़्सत हुआ इक उम्र चुरा कर हम हैं कि उसे जाता हुआ देख रहे हैं — Shakir Dehlvi
मैं ने जन्नत से हिजरत की थी जन्नत लगभग तेरे जैसी थी — Lekhak Suyash
इक तू ही वजह है हम जो नहीं हिजरत करते ये बहाना है कि गुज़ारा यहाँ बचपन अपना — Shahanwaz Ansari

Hijrat Shayari Captions

Meaningful hijrat captions ideal for Instagram and social media posts.

ज़ियादा शक की गुंजाइश नहीं होगी यक़ीं मानो तुम्हारे हिस्से का तुम को समय और फ़ासला दूँगा — Milan Gautam
उस की आँखों से रश्क है मुझ को उस से कह दो कि फ़ासला रक्खे — Bilal Official
किसी ने फूल भेजा है किसी ने ख़त लिखा है किसी ने डबडबाई आँखों से रुख़्सत लिखा है — Saarthi Baidyanath
मुहब्बत वस्ल हिजरत राग सारे मदन मोहन की बंसी गा रही है — Das Kanpuri
मेरे होंठों के सब्र से पूछो उस के हाथों से गाल तक का सफ़र — Mehshar Afridi
सफ़र हालाँकि तेरे साथ अच्छा चल रहा है बराबर से मगर एक और रास्ता चल रहा है — Shariq Kaifi
जुदाई का है ये पल एक लम्हा भर का बस प हम भी हाल-ए-ग़म-ए-जाम-ए-इश्क़ कहते नहीं — Mandvi Verma
फिर हो रही है रुख़्सत उस की महक यहाँ से ये कमरा ये जहाँ फिर सुनसान होने को है — MIR SHAHRYAAR
लोग तो रुख़सत कर जाते हैं दुनिया से उन की बस यादें जिन्दा रह जाती हैं — salman khan "samar"
मैं तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ कितना आसान मोहब्बत का सफ़र लगता है — Bashir Badr
न हो क़मीज़ तो घुटनों से पेट ढक लेंगे ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए — Dushyant Kumar
धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है — Rajesh Reddy

FAQs

Yes, hijrat shayari is often used as WhatsApp status to express feelings of distance, goodbye, or emotional separation in a poetic way.
No, hijrat shayari can also describe leaving one’s homeland, memories, or a phase of life, not just romantic separation.
Hijrat focuses more on the act of leaving or migration, while judai emphasizes the emotional pain of separation between people.
People relate to hijrat shayari because it reflects real-life experiences of loss, distance, and emotional transitions that many go through.
Yes, hijrat shayari is commonly written in both Hindi and Urdu, often blending words from both languages for deeper emotional impact.
Absolutely, short hijrat shayari lines work well as Instagram captions to express feelings of distance, memories, and silent goodbyes.