दोस्तों के साथ चलने में भी ख़तरे हैं हज़ारभूल जाता हूँ हमेशा मैं सँभल जाने के बा'दअब ज़रा सा फ़ासला रख कर जलाता हूँ चराग़तजरबा ये हाथ आया हाथ जल जाने के बा'द— Alam Khursheed