कि को'ई चीज़ गर तुझे क़ुबूल नइँहो लाख अच्छी वो मुझे क़ुबूल नइँतिरा झगड़ना मुझ को है क़ुबूल परतिरा बिछड़ना जाँ मुझे क़ुबूल नइँ— Irshad Siddique "Shibu"