
तेरा ख़ामोश हो जाना बड़ा महसूस होता था
मैं तुझ से क्या कहूँ अब और क्या महसूस होता था
मेरा भी तेरे पहलू से ज़रा उकता गया था दिल
तुझे भी दरमियाँ ये फ़ासला महसूस होता था
— Ankit Yadav
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