
तो क्या ये हो नहीं सकता कि तुझ से दूर हो जाऊँँ
मैं तुझ को भूलने के वासते मजबूर हो जाऊँ
सुना है टूटने पर दिल सभी कुछ कर गुजरते हैं
मुझे भी तोड़ दो इतना कि मैं मशहूर हो जाऊँ
— SHIV SAFAR
Other sher from the same pen
Shers of majboori.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling