Anwar Masood

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@anwar-masood

Anwar Masood shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anwar Masood's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

जैसे तू हुक्म करे दिल मिरा वैसे धड़के ये घड़ी तेरे इशारों से मिला रक्खी है — Anwar Masood
है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा — Anwar Masood

Ghazal

क्यूँँ किसी और को दुख दर्द सुनाऊँ अपने अपनी आँखों से भी मैं ज़ख़्म छुपाऊँ अपने मैं तो क़ाएम हूँ तिरे ग़म की बदौलत वरना यूँँ बिखर जाऊँ कि ख़ुद हाथ न आऊँ अपने शे'र लोगों के बहुत याद हैं औरों के लिए तू मिले तो मैं तुझे शे'र सुनाऊँ अपने तेरे रस्ते का जो काँटा भी मुयस्सर आए मैं उसे शौक़ से कॉलर पर सजाऊँ अपने सोचता हूँ कि बुझा दूँ मैं ये कमरे का दिया अपने साए को भी क्यूँँ साथ जगाऊँ अपने उस की तलवार ने वो चाल चली है अब के पाँव कटते हैं अगर हाथ बचाऊँ अपने आख़िरी बात मुझे याद है उस की 'अनवर' जाने वाले को गले से न लगाऊँ अपने — Anwar Masood