"कल"
कल क्या है?
शायद एक सुनहरी धूप
और उस धूप में छलकता हुआ पानी
कल क्या है?
शायद एक पथरीला रास्ता
और उस पर चलता हुआ एक मज़दूर
कल एक सिक्का है
जो खोटा भी है, खरा भी
कल एक रेगिस्तान है
कल एक फूलिस्तान है
कल कल है, कल आज है,
कल दोनों की फ़सल है या एक चटियल मैदान है
— Meem Alif Shaz















