किस क़दर हैं हम सभी मजबूर साहिब
मौत ले जाती है हम को दूर साहिब
रोज़ उस को देखने जाते हैं छह बार
इश्क़ में हम बन गए मज़दूर साहिब
ख़ुद-कुशी का शौक़ किस को है यहाँ पर
उलझनें कर देती हैं मजबूर साहिब
— Meem Alif Shaz
मौत ले जाती है हम को दूर साहिब
रोज़ उस को देखने जाते हैं छह बार
इश्क़ में हम बन गए मज़दूर साहिब
ख़ुद-कुशी का शौक़ किस को है यहाँ पर
उलझनें कर देती हैं मजबूर साहिब
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