@upendrabajpai594
Upendra Bajpai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Upendra Bajpai's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
7
Content
74
Likes
240
ख़ुदा जाने कहाँ पे खो गया वो
मेरे अपनों को मेरे साथ करके
अभी लौटा हूँ अपने बिस्तरा पर
तेरी यादों से दो-दो हाथ करके
मैं क्या करूँ जो मौत से उम्मीद न रखूँ कोई
मैं क्या करूँ कि ज़िन्दगी में कुछ बदल नहीं रहा
वो हौसला था फूँक मारकर बुझा दें आफ़ताब
ये हाल है कि मुझसे इक चराग़ जल नहीं रहा
मैं आज भी उस इश्क़ की जागीर में ख़ुश हूँ
यानी मैं गुज़रे वक़्त की तस्वीर में ख़ुश हूँ
डर लग रहा था तेरी जुदाई से मुझको पर
सपने में ख़ुश नहीं था मैं ताबीर में ख़ुश हूँ
मुझको तितली बना दे या मौला
एक गुल पे है बैठना मौला
जल चुका हूँ मैं आख़िरी कश तक
मैं हूँ सिगरेट मुझे बुझा मौला
मुझे तनहाइयाँ जब हद से ज़ियादा तंग करती हैं
तुम्हारी याद की सिगरेट जलाकर बैठ जाता हूँ
सुकून देती थी तब मुझको वस्ल की सिगरेट
अब उसके हिज्र के फ़िल्टर से होंठ जलते हैं
बहुत मुश्किल है दर्द-ए-दिल सँभाला जा नहीं सकता
तुम्हारी याद का काँटा निकाला जा नहीं सकता
तुम्हें पाने की दिल में छटपटाहट है बहुत लेकिन
ख़ुदा ने जो लिखा क़िस्मत में टाला जा नहीं सकता