Upendra Bajpai

Upendra Bajpai

@upendrabajpai594

Upendra Bajpai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Upendra Bajpai's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

कई दिन से बहुत ख़ुश रह रहा हूँ मुझे दुख देने वाले मर गए क्या — Upendra Bajpai
वफ़ा के घर में जा कर पूछता हूँ यहाँ इक शख़्स रहता था हमारा — Upendra Bajpai
रात के वक़्त मुझे हुस्न-ए-उदासी न दिखा रात के वक़्त मेरे ज़ख़्म जवाँ होते हैं — Upendra Bajpai
उम्र आधी सुलग चुकी है तेरी अब न पी बुझा दे ये सिगरेट — Upendra Bajpai
मुझे तन्हाइयाँ जब हद से ज़ियादा तंग करती हैं तुम्हारी याद की सिगरेट जलाकर बैठ जाता हूँ — Upendra Bajpai
सुकून देती थी तब मुझ को वस्ल की सिगरेट अब उस के हिज्र के फ़िल्टर से होंठ जलते हैं — Upendra Bajpai
मौत जब पास में खड़ी होगी ज़िन्दगी ज़िन्दगी करेंगे आप — Upendra Bajpai
वो अपने साथ साथ में हम जैसे खिलौने रखती है डेढ़ साल से ज़्यादा नहीं रखती — Upendra Bajpai
ख़ुशी पा लेने की उतनी न होगी तुझे खोने का डर जितना बड़ा है — Upendra Bajpai
गर मैं देखूँ तो सारी दुनिया है गर मैं सोचूँ तो कुछ नहीं अपना — Upendra Bajpai
ऐसे आँखों को उस की मत देखो तैरना सीख लो मियाँ पहले — Upendra Bajpai
रश्क़ होता है चूमते हैं गाल तेरे झुमके रक़ीब हैं मेरे — Upendra Bajpai
उस को कोई बताओ यहाँ ज़िन्दगी भी है जो शख़्स ख़ुद-कुशी की तरफ़ जा रहा है यार — Upendra Bajpai
ये जो कहने को कई लोग हैं मेरे अपने ये कई लोग तो ग़ैरों से भी वाबस्ता है — Upendra Bajpai

Ghazal