मैं आज भी उस इश्क़ की जागीर में ख़ुश हूँया'नी मैं गुज़रे वक़्त की तस्वीर में ख़ुश हूँडर लग रहा था तेरी जुदाई से मुझ को परसपने में ख़ुश नहीं था मैं ता'बीर में ख़ुश हूँ— Upendra Bajpai