sukoon deti thi tab mujhko vasl ki cigarette | सुकून देती थी तब मुझको वस्ल की सिगरेट

  - Upendra Bajpai

सुकून देती थी तब मुझको वस्ल की सिगरेट
अब उसके हिज्र के फ़िल्टर से होंठ जलते हैं

  - Upendra Bajpai

One sided love Shayari

Our suggestion based on your choice

    कोई समंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता
    हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता

    ताने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था
    गले लगा के तुमने हिजरत का दुख बाट लिया होता
    Read Full
    Tehzeeb Hafi
    163 Likes
    उभर कर हिज्र के ग़म से चुनी है ज़िंदगी हमने
    वगरना हम जहाँ पर थे वहाँ पर ख़ुदकुशी भी थी
    Naved sahil
    23 Likes
    जहाँ जो था वहीं रहना था उस को
    मगर ये लोग हिजरत कर रहे हैं
    Liaqat Jafri
    24 Likes
    तू परिंदा है किसी शाख़ को घर कर लेगा
    जो तेरे हिज्र का मारा है किधर जाएगा
    Shadab Javed
    34 Likes
    वो शादी तो करेगी मगर एक शर्त पर
    हम हिज्र में रहेंगे अगर नौकरी नहीं
    Harsh saxena
    मुमकिना फ़ैसलों में एक हिज्र का फ़ैसला भी था
    हमने तो एक बात की उसने कमाल कर दिया
    Parveen Shakir
    31 Likes
    आई होगी किसी को हिज्र में मौत
    मुझ को तो नींद भी नहीं आती
    Akbar Allahabadi
    38 Likes
    सुब्ह तक हिज्र में क्या जानिए क्या होता है
    शाम ही से मिरे क़ाबू में नहीं दिल मेरा
    Jigar Moradabadi
    28 Likes
    हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ
    हैं कई हिज्र दरमियाँ जानाँ
    Jaun Elia
    55 Likes
    या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
    गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ

    वो शख़्स सालों बाद भी कितना हसीन है
    वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ
    Read Full
    Kushal Dauneria
    64 Likes

More by Upendra Bajpai

As you were reading Shayari by Upendra Bajpai

    मुक़द्दर का सहारा मिल गया न
    जिसे तुमने पुकारा मिल गया न

    मेरी टूटी हुई कश्ती न देखो
    कहो, तुमको किनारा मिल गया न
    Read Full
    Upendra Bajpai
    मैं कैसा मुसव्विर हूँ, कैनवास पे मेरे
    सब रंग तेरे है, तेरी तस्वीर नहीं है
    Upendra Bajpai
    कितनी परियों की नसीहत लेकर
    ऐसी आँखे बनाई जाती हैं
    Upendra Bajpai
    कोई तस्वीर जब बनाना तो
    पाक चीज़ों को शान में रखना

    उसकी आंखें ख़ुदा की आँखें हैं
    ऐ मुसव्विर! ये ध्यान में रखना
    Read Full
    Upendra Bajpai
    उसने पूछा याद हमारी आती है
    कोई अपनी बर्बादी को भूलता है
    Upendra Bajpai

Similar Writers

our suggestion based on Upendra Bajpai

Similar Moods

As you were reading One sided love Shayari Shayari