
बहुत मुश्किल है दर्द-ए-दिल सँभाला जा नहीं सकता
तुम्हारी याद का काँटा निकाला जा नहीं सकता
तुम्हें पाने की दिल में छटपटाहट है बहुत लेकिन
ख़ुदा ने जो लिखा क़िस्मत में टाला जा नहीं सकता
— Upendra Bajpai
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