वो देखने आया है मुझ को ज़ख़्म भर जाने के बा'द
वो फिर से आएगा मगर मेरे गुज़र जाने के बा'द
वो आदमी ख़ुदगर्ज़ है हम को पता चल ही गया
सजदे किए है सिर्फ़ बीमारी से डर जाने के बा'द
वादे बहुत करता रहा लेकिन मुकरता भी रहा
वा'दा निभाया है मगर मेरे मुकर जाने के बा'द
उस का सफ़र चलता रहा बस इक सितमगर की तरह
उस का नशा उतरा मगर सब कुछ बिखर जाने के बा'द
— Meem Alif Shaz















