फिर से बच्चे वाला चेहरा चाहता हूँ
उलझनों से दूर रहना चाहता हूँ
इश्क़ बच्चों का तमाशा हो गया है
पहले वाला दौर लाना चाहता हूँ
दुनिया मेरे जिस्म में चुभने लगी है
सजदों से इस को हटाना चाहता हूँ
अब कोई आवाज़ भी देता नहीं शाज़
क़ब्र से बाहर निकलना चाहता हूँ
— Meem Alif Shaz















