Meaning of

तंज

tanj • طنز

व्यंग्य; ताना

sarcasm; irony

طنز; استہزاء

Arabic

तन्हाई ये तंज करे है तन्हा क्यूँ है यार कहाँ है आगे पीछे चलने वाले — Vishal Singh Tabish
ज़िंदगी पर इस से बढ़ कर तंज़ क्या होगा 'फ़राज़' उस का ये कहना कि तू शाएर है दीवाना नहीं — Ahmad Faraz
दुनिया के पास है कोई इस तंज़ का जवाब दीवाना अपने हाल पे ख़ुद मुस्कुरा लिया — Shamim Karhani
मरज़ अजीब था अपना अजब मसीहा थे दवा ने मुझ पे दवा पर शिफ़ा ने तंज़ किया — divya 'sabaa'
तंज़ जो मुझ पे कर रहा है तू अभी दाद देगा ज़रूर शे'र पे मिरे — Parvez Shaikh
तुम इस ख़मोश तबीअत पे तंज़ मत करना वो सोचता है बहुत और बोलता कम है — Nawaz Deobandi
तल्ख़ फब्तियाँ तीखी बातें उस पर तंज़ भरे अश'आर उन के लब हरकत में आए शहद घुल गया कानों में — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
तंज़ करना फिर उसी से प्यार करना जाँ कहा से सीखा है ये वार करना — Govind kumar
कटती नहीं है बे-कली मेरी शफ़ीक़ जब तक कि ख़ुद पर तंज़ कस लेता नहीं — Naresh sogarwal 'premi'

'तंज' चतुराई की तीक्ष्णता और विडंबना की सूक्ष्मता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर दिखावे और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करता है, गहरे सत्य को प्रकट करने के लिए शब्दों का चतुर खेल।

कवि 'तंज' का उपयोग सामाजिक मानदंडों की आलोचना करने, पाखंड को उजागर करने, और अपनी कविताओं में जटिलता की एक परत जोड़ने के लिए करते हैं।

'तंज' विडंबना का कलात्मक नृत्य है, समाज के छिपे हुए सत्यों को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण।