Meaning of

तअर्रुफ़

ta'arruf • تعارف

परिचय; जान-पहचान; पहचान

introduction; acquaintance; recognition

تعارف; شناسائی; پہچان

Arabic

त'अर्रुफ़ मोहब्बत दग़ा और नफ़रत तू ने सब सिखाया ब-जुज़ भूलने के — 100rav
तआ'रुफ़ है दर-पेश आमिर बता दो मैं शाइ'र नहीं हूँ — Aamir Ali
इश्क़ से आश्ना नहीं थे हम फिर तआ'रुफ़ किसी ने करवाया — Sumit Panchal
चाहे वो हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई हों उलमा का अस्ल तआ़रुफ़ इल्म हुआ करता है — Ramnath Shodharthi
फ़ाइदा ये हुआ डूबने से तिश्नगी से तआ'रुफ़ नहीं हैं — Saurabh

तअर्रुफ़ का मूल अर्थ है स्वयं का परिचय देना या किसी अन्य से परिचित होना। कविता में, यह आत्माओं की गहरी पहचान, पहचान के छुपे पहलुओं का अनावरण और संबंधों के कोमल उभरने तक विस्तारित होता है।

कवि अक्सर तअर्रुफ़ का उपयोग प्रेमियों के बीच संबंध के प्रारंभिक क्षणों को खोजने के लिए करते हैं। यह स्वयं को प्रकट करने के कोमल नृत्य, समझ की ओर बढ़ते हुए कदम, या वह गहरा क्षण जब दो आत्माएं एक-दूसरे को पहचानती हैं, का संकेत दे सकता है।

कविता में तअर्रुफ़ शुरुआत की सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है। यह संबंध के लिए दिल की लालसा और आत्माओं के शाश्वत नृत्य की बात करता है।