Meaning of

तअल्लुक़

talluq • تعلق

संबंध; जुड़ाव; मेल

relationship; connection; association

رشتہ; تعلق; وابستگی

Arabic

क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही — Mirza Ghalib
वो मेरे घर नहीं आता मैं उस के घर नहीं जाता मगर इन एहतियातों से तअल्लुक़ मर नहीं जाता — Waseem Barelvi
ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता — Khalish Akbarabadi
हम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस जो तअ'ल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं — Abbas Tabish
जगह जगह न तअल्लुक़ ख़राब कर मेरा तेरे लिए तो किसी से भी लड़ पड़ूँगा मैं — Zia Mazkoor
तअल्लुक़ जो भी रक्खो सोच लेना कि हम रिश्ता निभाना जानते हैं — Ambreen Haseeb Ambar
इस तअल्लुक़ में नहीं मुमकिन तलाक़ ये मोहब्बत है कोई शादी नहीं — Anwar Shaoor
बस एक रस्म-ए-तअल्लुक़ निभाने बैठे हैं वगरना दोनों के कप में ज़रा भी चाय नहीं — Waseem Nadir

'तअल्लुक़' शब्द मानव संबंधों के जटिल जाल को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर उन अदृश्य धागों का संकेत देता है जो आत्माओं को जोड़ते हैं, जो केवल भौतिक या सामाजिक संबंधों से परे होते हैं।

कवि 'तअल्लुक़' का उपयोग प्रेम और अलगाव के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह निकटता की गर्माहट और दूरी के दर्द दोनों का संकेत दे सकता है।

कविता की दुनिया में, 'तअल्लुक़' दिलों के बीच एक पुल है, मानव संबंधों की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।