Meaning of

तजल्ली

tajalli • تجلی

प्रकट होना; प्रबोधन; प्रकाश

manifestation; epiphany; illumination

ظہور; تجلی; روشنی

Arabic

गीत कोई नया गाओ यारों
आग सीने में जलाओ यारों

ये नया खूँ न कभी भी बहके
इस को गाँधी से मिलाओ यारों

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पुराने गीत चलाओ तो कुछ बात बने
हमारे साथ में गाओ तो कुछ बात बने

हमेशा नाज़ उठाते हैं हम आप के ही
कभी हम को भी मनाओ तो कुछ बात बने

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एक दिवाने की यादों में एक दिवानी रक़्स करेगी
सन्नाटे की तिर-किट-धिन पर रोज़ उदासी रक़्स करेगी

यार कहानी लिखने वाले, जल्दी मिलवा हम दोनों को
हम दोनों के मिलने पर ही तेरी कहानी रक़्स करेगी

मेरी ग़ज़लें तुम गाओ तो ख़ुशबू ख़ुशबू हो जाएगी
जैसे चम्पा के फूलों पर नन्ही तितली रक़्स करेगी

तानाशाह ने क्या सोचा था, शहज़ादी को बाँध सकेगा
प्यादे की धुन पर गाएगी, इश्क़ करेगी, रक़्स करेगी

इक मुद्दत से गुम सुम थी जो, पिया मिलन पर चहक उठी है
ढ़ोल नगाड़े बजवाओ अब, पागल लड़की रक़्स करेगी

हम दोनों के मिल जाने से झूम उठेगा सारा मथुरा
मोहन के काँधे पर सर रख राधा रानी रक़्स करेगी

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गीत कोई नया गाओ यारों
आग सीने में जलाओ यारों

ये नया खूँ न कभी भी बहके
इस को गाँधी से मिलाओ यारों

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पुराने गीत चलाओ तो कुछ बात बने
हमारे साथ में गाओ तो कुछ बात बने

हमेशा नाज़ उठाते हैं हम आप के ही
कभी हम को भी मनाओ तो कुछ बात बने

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'तजल्ली' अपने मूल अर्थ में एक दिव्य या आध्यात्मिक प्रकट होने को संदर्भित करता है। कविता में, यह अचानक स्पष्टता या प्रबोधन के क्षणों को पकड़ता है, अक्सर सत्य या सुंदरता के प्रकटीकरण से जुड़ा होता है। यह विस्मय और आश्चर्य की भावना को जगाता है, मानो साधारण का आवरण उठा दिया गया हो।

कवि 'तजल्ली' का उपयोग अंतर्दृष्टि या आध्यात्मिक जागृति के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह छिपे हुए सत्यों के अनावरण या आत्मा के प्रकाश का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर अज्ञानता या अंधकार के विपरीत होता है, प्रबोधन की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'तजल्ली' हमें साधारण के भीतर असाधारण को देखने के लिए आमंत्रित करता है, हमें उन प्रकाशों की खोज करने का आग्रह करता है जो छायाओं को प्रकटीकरण में बदल देते हैं।