Meaning of

तफ़रीक़

tafriq • تفریق

अंतर; भेद; विभाजन

difference; distinction; separation

فرق; امتیاز; جدائی

Arabic

हम भला कौन हैं तफ़रीक़ बताने वाले उस की मर्ज़ी है वो जिस शख़्स को चाहे देखे — Dharmesh bashar
राम लिखता हूँ कभी नाम-ए-मुहम्मद भी लिखूँ मुझ को तहज़ीब ने तफ़रीक़ सिखाई ही नहीं — REHAN KHAN

मूल रूप से, 'तफ़रीक़' का अर्थ एक चीज़ को दूसरी से अलग करने की क्रिया है। कविता में, यह अक्सर विभाजन के विषयों की खोज करता है, चाहे वह लोगों के बीच हो, विचारों के बीच, या भावनाओं के बीच। यह भेदभाव के मानव अनुभव और इससे उत्पन्न होने वाले दर्द या स्पष्टता को दर्शाता है।

कवि 'तफ़रीक़' का उपयोग मानव संबंधों की जटिलताओं और उत्पन्न होने वाली बाधाओं की खोज के लिए करते हैं। यह अलगाव के दुःख या भेद के अनिवार्यता को उजागर कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तफ़रीक़' उन रेखाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है जो हमें विभाजित और परिभाषित करती हैं। यह अलगाव और समझ दोनों का शब्द है।