Meaning of

तल्ख़ी

talkhi • تلخی

कड़वाहट; तीखापन; कठोरता

bitterness; acrimony; harshness

تلخی; تندی; سختی

Persian

सारी दुनिया ने मेरी तल्ख़ कलामी देखी
मेरी तल्ख़ी में छुपे दर्द पे कब ग़ौर किया

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कल रात बहुत ग़ौर किया है सो हम उस की
तय कर के उठे हैं कि तमन्ना ना करेंगे

इस बार वो तल्ख़ी है की रूठे भी नहीं हम
अब के वो लड़ाई है के झगड़ा ना करेंगे

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तल्ख़ियाँ इस में बहुत कुछ हैं मज़ा कुछ भी नहीं
ज़िंदगी दर्द-ए-मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं

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तुम सितारों के भरोसे पे न बैठे रहना
अपनी तदबीर से तक़दीर बनाते जाओ

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तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है
क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है

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कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है
दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है

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जाँनशीन-ए-इश्क़ हो तो तल्खियाँ अंदर रखो
नरमियाँ लाज़िम हैं हुब में सख्तियाँ अंदर रखो

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हक़ीक़तों की तल्ख़ियाँ भी मीठे ख़्वाब की तरह
मुझे शराब दे रही है वो गुलाब की तरह

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माज़ी की तल्ख़ियों भी ऊपर चला गया
वो शख़्स मेरी लाश से होकर चला गया

मैं रोकता रहा उसे भी बारहा मगर
वो धीरे धीरे रूह के अंदर चला गया

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बनाया दरमियाँ रिश्ता ख़ुदा ने
हमारी तल्ख़ियों ने मार डाला

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सारी दुनिया ने मेरी तल्ख़ कलामी देखी
मेरी तल्ख़ी में छुपे दर्द पे कब ग़ौर किया

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कल रात बहुत ग़ौर किया है सो हम उस की
तय कर के उठे हैं कि तमन्ना ना करेंगे

इस बार वो तल्ख़ी है की रूठे भी नहीं हम
अब के वो लड़ाई है के झगड़ा ना करेंगे

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'तल्ख़ी' शब्द कड़वाहट और कठोरता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर जीवन के भावनात्मक दर्द और संघर्षों का प्रतीक होता है, जो मिठास और खुशी के क्षणों के विपरीत होता है।

कवि 'तल्ख़ी' का उपयोग अधूरी इच्छाओं या कठोर वास्तविकताओं की कड़वाहट को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह विश्वासघात की चुभन या खोए हुए प्यार के दुख का वर्णन कर सकता है। यह 'मिठास' के विपरीत जीवन की द्वैत प्रकृति को उजागर करता है।

'तल्ख़ी' अपनी काव्यात्मक प्रतिध्वनि में मानव अनुभव के ताने-बाने में बुनी हुई अपरिहार्य कड़वाहट को पकड़ता है।