Meaning of

तलक़

talaq • طلاق

तलाक; अलगाव

divorce; separation

طلاق; جدائی

Arabic

कब तलक झाँकिए उन आँखों में जिन में कुछ भी न हो हया के सिवा — Shariq Kaifi
हम ऐसा कहने वाले जब तलक है ग़ज़ल बंदूक़ पर भारी रहेगी — Ali Zaryoun
कहते भी हैं कि हम सेे मुहब्बत नहीं उन्हें और अब तलक रखी है निशानी सँभाल कर — Divy Kamaldhwaj
अब तलक उस को ध्यान हो मेरा क्या पता ये गुमान हो मेरा — Zubair Ali Tabish
ईद भी आ गई मिरे मौला मेरा घर अब तलक सजा ही नहीं — Amaan Pathan
दिल्ली में आज भीक भी मिलती नहीं उन्हें था कल तलक दिमाग़ जिन्हें ताज-ओ-तख़्त का — Meer Taqi Meer
इस तअल्लुक़ में नहीं मुमकिन तलाक़ ये मोहब्बत है कोई शादी नहीं — Anwar Shaoor
जब तलक अनजान थे महफ़ूज़ थे जान लेना जानलेवा हो गया — Vishal Bagh
बच गया है जो तेरा थोड़ा सा हिस्सा मुझ में अब तलक मुझ को किसी का नहीं होने देता — Khan Janbaz

तलक़ में अंतिमता का भार और अलगाव का दर्द होता है। यह एक ऐसा शब्द है जो एक संबंध के अंत को दर्शाता है, जो अक्सर भावनात्मक उथल-पुथल से भरा होता है। कविता में, यह हानि, परिवर्तन, और समय के अनिवार्य प्रवाह के व्यापक विषयों का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'तलक़' का उपयोग अंत के भावनात्मक परिदृश्यों में गहराई से जाने के लिए करते हैं, चाहे वह प्रेम, जीवन, या सपनों में हो। यह विदाई के दुख और नई शुरुआत की आशा को जागृत कर सकता है।

कविता में तलक़ जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है, हमें उन क्षणों को संजोने के लिए प्रेरित करता है जो हमारे पास हैं।