Meaning of

तवाएफ़

tawaif • طوائف

नर्तकी; गायिका

courtesan; performer

طوائف; رقاصہ

Arabic

अपना ईमान बेचना पड़ेगा इक तवाइफ़ से इश्क़ हो गया है — Faiz Ahmad
इश्क़ करना है मुझे अब तो तवायफ़ से ऐ दिल जिस्म अपना बेचती है हाँ मगर ईमाँ नहीं — A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ अब सिर्फ़ लड़ाऊँगा तवायफ़ से मैं इन शरीफ़ों की मोहब्बत का भरोसा क्या है — A R Sahil "Aleeg"
हिक़ारत,से क्यूँ देखते हो, तवाइफ़ को भी बख़्श इज़्ज़त हवस-आश्ना मर्द का वो ग़लाज़त उठाती है साहब — A R Sahil "Aleeg"
रौशनी भी तीरगी भी साथ है या यूँँ कहें ज़िंदगी ख़ुश है मगर ख़ुश भी तवायफ़ के तरह — Yashvardhan Mishra 'Hind'
पैसा कोठे की तवायफ़ जैसा है ये आज तेरा है तो कल मेरा है — Prit
ज़बर्दस्ती तवायफ़ से नहीं करता तुम्हें तो फिर मोहब्बत माना है मैं ने — Manoj Devdutt
बड़ा ज़ालिम ज़माना है दया आई नहीं उस पर लगा तोहमत तवायफ़ की जवानी बेच दी उस की — Sandeep dabral 'sendy'
जिस्मानी रिश्ते को प्यार कहा जाता है तो सब सेे ज़्यादा प्यार तवाइफ़ को मिलता है बस — Manoj Devdutt

'तवाएफ़' शब्द एक समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को समेटे हुए है, जो अक्सर मुगल काल की नर्तकियों से जुड़ा होता है, जो केवल कलाकार ही नहीं बल्कि कला और संस्कृति की पारखी भी थीं। यह शब्द गरिमा, सुंदरता और कलात्मक परिष्कार की छवि प्रस्तुत करता है।

कविता में, 'तवाएफ़' का उपयोग अक्सर सुंदरता, कला और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को खोजने के लिए किया जाता है। यह प्रशंसा और सामाजिक निर्णय की द्वैतता को दर्शाता है, जो इतिहास में इन महिलाओं की जटिल भूमिकाओं को पकड़ता है।

कविता में 'तवाएफ़' शब्द समाज के कला और सुंदरता के साथ जटिल संबंध का दर्पण है। यह हमें सौंपे गए भूमिकाओं और दिए गए निर्णयों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।