है दुआ लब पे लिए तुझ सेे शजर महव-ए-दुआरखना महरूम मुझे दौलत-ए-आलम से ख़ुदामेरे आँगन में तवाइफ़ ये अगर आएगीछीन लेगी ये सभी रिश्ते ख़ुशी चैन मेरा— Shajar Abbas