Meaning of

शजर

shajar • شجر

वृक्ष; पौधा

tree; plant

درخت; پودا

Arabic

वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या — Balmohan Pandey
बिछड़ के तुझ सेे न देखा गया किसी का मिलाप उड़ा दिए हैं परिंदे शजर पे बैठे हुए — Adeem Hashmi
यूँँ न कर वस्ल के लम्हों को हवस से ता'बीर चंद पत्ते ही तो तोड़े हैं शजर से मैं ने — Khurram Afaq
उड़ गए सारे परिंदे मौसमों की चाह में इंतिज़ार उन का मगर बूढे शजर करते रहे — Ambreen Haseeb Ambar
एक पत्ता शजर-ए-उम्र से लो और गिरा लोग कहते हैं मुबारक हो नया साल तुम्हें — Unknown
जिसे तुम काट आए उस शजर को ढूँढ़ता होगा परिंदा लौट कर के अपने घर को ढूँढ़ता होगा — Bhaskar Shukla
परिंदे लड़ ही पड़े जाएदाद पर आख़िर शजर पे लिक्खा हुआ है शजर बराए-फ़रोख़्त — Afzal Khan

'शजर' शब्द वृक्षों की स्थिरता और पोषणकारी उपस्थिति को याद दिलाता है। कविता में, यह अक्सर विकास, आश्रय और समय के प्रवाह का प्रतीक होता है। यह धरती में गहरी जड़ें और आकाश की ओर बढ़ती शाखाओं की छवियाँ उत्पन्न करता है।

'शजर' का उपयोग कवि जीवन और दृढ़ता की थीम को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रकृति के पोषणकारी पहलुओं या पीढ़ियों के प्रवाह का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द अक्सर बंजर परिदृश्यों के विपरीत होता है या आशा और नवीनीकरण का प्रतीक होता है।

'शजर' की स्थायी उपस्थिति में, कवि जीवन की निरंतरता और प्रकृति की मौन शक्ति का प्रतीक पाते हैं।