
इस लिए भी इस शजर से सब को इतना प्यार है
दे रहा है फल अभी ये और सायादार है
ऐ ख़ुदा इस ना-ख़ुदा की ख़ैर हो ये नासमझ
ये समझता है कि इस के हाथ में पतवार है
— Vashu Pandey
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