Meaning of

महव-ए-दुआ

mahv-e-dua • محو دعا

प्रार्थना में लीन; विनती में खोया हुआ

absorbed in prayer; lost in supplication

دعا میں محو; التجا میں کھویا ہوا

Persian

हूँ रब से महवे दुआ यूँँ ही मुस्कुराते रहें कभी नज़र ना लगे भाईयों की ख़ुशियों को — Shajar Abbas
बाग़बाँ महव-ए-दुआ है यूँँ शजर रो रो कर कोई गुलशन मेरे गुलशन सा न विराँ हो ख़ुदा — Shajar Abbas
दौर-ए-हाज़िर हो ये दौर-ए-आख़िर ख़ुदा यूँँ शजर रब से महव-ए-दुआ हो गया — Shajar Abbas

यह वाक्यांश गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव की भावना को उभारता है, जहाँ कोई प्रार्थना के कार्य में पूरी तरह से डूबा होता है। कविता में, यह अक्सर एक ऐसे क्षण का प्रतीक होता है जहाँ सांसारिक चिंताएँ मिट जाती हैं, केवल भक्ति की पवित्रता को छोड़कर।

कवि इसे गहन आध्यात्मिक लालसा या दिव्य संबंध के क्षणों को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह जीवन के अराजकता और प्रार्थना में पाए जाने वाले शांति के बीच के विपरीत को भी दर्शा सकता है।

प्रार्थना की शांति में, कोई आत्मा की आवाज़ पाता है।