Meaning of

मआश

ma'aash • معاش

जीविका; जीवनयापन का साधन

livelihood; means of living

معاش; زندگی گزارنے کا ذریعہ

Arabic

ज़रूरी नहीं हर दफा कर शराफ़त कभी तू मुहब्बत में बदमाश भी बन — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
भले ही हमारे मुआशरे हों अलग अलग ये वतन भी तो सभी के दिलों में धड़कता है — Naviii dar b dar
अभी तुम ने मेरी बदमाशियाँ देखी कहाँ है मरीज़-ए-इश्क़ की गुस्ताख़ियाँ देखी कहाँ है — Saarthi Baidyanath
एक तो बेदाग़ है सीरत भी उस की और लब पर तिल बड़ा बदमाश उस का — Manish Pithaya
यहाँ किसी भी बद-मआश के लिए जगह नहीं हमारा मीर ही लुटेरा और ख़ुश-मआश है — Milan Gautam
फ़िक्र-ए-मआश इश्क़-ए-बुताँ याद-ए-रफ़्तगाँ इस ज़िंदगी में अब कोई क्या क्या किया करे — Mohammad Rafi Sauda

मआश उस आवश्यक साधन को संदर्भित करता है जिसके द्वारा कोई जीवन को बनाए रखता है। कविता में, यह अक्सर जीवित रहने के संघर्ष और ईमानदार काम में पाई जाने वाली गरिमा का प्रतीक होता है, जो व्यापक मानव स्थिति को दर्शाता है।

कवि 'मआश' का उपयोग आर्थिक कठिनाई, दृढ़ता, और श्रम की महानता की थीम का पता लगाने के लिए करते हैं। यह जीवनयापन की सार्वभौमिक खोज की याद दिलाता है।

मआश मानव अस्तित्व के दिल की बात करता है, जीवन की चुनौतियों के सामने स्थायी आत्मा का प्रमाण है।