Meaning of

मा-सिवा-ए-कार-ए-आह-ओ-अश्क

ma-siwa-e-kaar-e-aah-o-ashk • ما سوا کار آہ و اشک

आह और आँसुओं के कार्य से परे; दुःख का अतिक्रमण

beyond the work of sighs and tears; transcendence of sorrow

آہ و اشک کے کام سے پرے; غم کا عروج

Persian

'मा-सिवा-ए-कार-ए-आह-ओ-अश्क' मूल रूप से दुःख के साधारण अभिव्यक्तियों से परे की स्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह दुःख के अतिक्रमण का प्रतीक है, जहाँ आत्मा दर्द से ऊपर उठकर उच्चतर सत्य में शांति पाती है।

कवि 'मा-सिवा-ए-कार-ए-आह-ओ-अश्क' का उपयोग आध्यात्मिक उत्थान और सांसारिक दुःखों से मुक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह तत्काल दर्द से परे जाकर एक बड़े, अधिक गहन समझ को अपनाने की भावना को जागृत करता है।

आह और आँसुओं से परे, कवि आत्मा का क्षेत्र पाते हैं। यह आंतरिक शांति और प्रबोधन की यात्रा है।