Meaning of

तसुव्वर

tasuvvur • تصور

कल्पना; धारणा; दृष्टि

imagination; conception; visualization

تصور; خیال; نظارہ

Arabic

ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है

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तू ने देखी है वो पेशानी वो रुख़्सार वो होंठ
ज़िंदगी जिन के तसव्वुर में लुटा दी हम ने

तुझ पे उठी हैं वो खोई हुई साहिर आँखें
तुझ को मालूम है क्यूँ उम्र गँवा दी हम ने

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एक चेहरा है जो आँखों में बसा रहता है
इक तसव्वुर है जो तन्हा नहीं होने देता

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तसव्वुर तजरबा तेवर तमन्ना और तन्हाई
मिलेंगे फूल सब इस
में ग़ज़ल गुलदान है यारों

पढ़ाई नौकरी शादी फिर उस के बा'द दो बच्चे
हमारी ज़िन्दगी इतनी कहाँ आसान है यारों

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कुछ नज़र आता नहीं उस के तसव्वुर के सिवा
हसरत-ए-दीदार ने आँखों को अंधा कर दिया

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फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम

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रात भर उन का तसव्वुर दिल को तड़पाता रहा
एक नक़्शा सामने आता रहा जाता रहा

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ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं
ऐ ज़ौक़-ए-तसव्वुर क्या कीजे हम सूरत-ए-जानाँ भूल गए

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तसव्वुर में भी अब वो बे-नक़ाब आते नहीं मुझ तक
क़यामत आ चुकी है लोग कहते हैं शबाब आया

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दिल-ओ-नज़र को अभी तक वो दे रहे हैं फ़रेब
तसव्वुरात-ए-कुहन के क़दीम बुत-ख़ाने

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ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है

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तू ने देखी है वो पेशानी वो रुख़्सार वो होंठ
ज़िंदगी जिन के तसव्वुर में लुटा दी हम ने

तुझ पे उठी हैं वो खोई हुई साहिर आँखें
तुझ को मालूम है क्यूँ उम्र गँवा दी हम ने

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मूल रूप में 'तसुव्वर' का अर्थ है ऐसी मानसिक क्षमता जो इंद्रियों के सामने न होने पर भी छवियाँ या अवधारणाएँ बनाती है। कविता में, यह दिल की इच्छाओं और सपनों के लिए एक कैनवास बन जाता है, जो लालसा और आकांक्षा की जीवंत तस्वीरें बनाता है।

कवि अक्सर 'तसुव्वर' का उपयोग वास्तविकता और सपनों के बीच की सीमाओं का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अनकही इच्छाओं को व्यक्त करने, अनदेखे को चित्रित करने और आत्मा की लालसाओं की गहराइयों में उतरने का साधन बन जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तसुव्वर' ठोस और अलौकिक के बीच का पुल है, मानव विचार की असीमित प्रकृति का प्रमाण है।