Meaning of

तहज़ीब

tahzeeb • برزخ

संस्कृति; शिष्टता; सभ्यता

culture; refinement; civilization

ثقافت; شائستگی; تہذیب

Arabic

लिखे जो शे'र उस पे हम वही तुम को सुनाते हैं
ये सब उस का दिया है आज़ जो हम मुस्कुराते हैं

यूँँ तो तहज़ीब से तुम सब ग़ज़ल के शे'र सुनते हो
तो फिर तुम दाद में यूँँ सीटियाँ ही क्यूँ बजाते हैं

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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है
दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है

सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ
मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

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होती न अगर जिस्म की तहज़ीब कोई शय
जीने के लिए एक तेरी याद बहुत थी

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अदब, तहज़ीब सब कुछ भूल बैठी है नई नस्लें
न जाने देखने को ओर क्या हालात बाक़ी हैं

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मियाँ बाज़ार को शर्मिंदा करना क्या ज़रूरी है
कहीं इस दौर में तहज़ीब के ज़ेवर बदलते हैं

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कुशल दौनेरिया, तहज़ीब हाफ़ी को सुना है
किताबों से ज़ियादा इन की ग़ज़लों को रटा है

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लुभाते थे उसे बस आज के शाइ'र सो मैं ने भी
पढ़ीं तहजीब की ग़ज़लें करीं अफ़्कार की बातें

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नहीं तहज़ीब बातें करने की औरत से ही साहब
नहीं तहज़ीब बातें करने की उस्ताद से तुम को

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हमारे घर में ये तहज़ीब अब भी ज़िन्दा है
बुज़ुर्ग बोलें तो बच्चे ख़मोश रहते हैं

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जुड़ो तहज़ीब से अपनी मगर शिद्दत से तुम बचना
बुरी आदत कोई भी हो बुरी आदत से तुम बचना

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लिखे जो शे'र उस पे हम वही तुम को सुनाते हैं
ये सब उस का दिया है आज़ जो हम मुस्कुराते हैं

यूँँ तो तहज़ीब से तुम सब ग़ज़ल के शे'र सुनते हो
तो फिर तुम दाद में यूँँ सीटियाँ ही क्यूँ बजाते हैं

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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है
दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है

सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ
मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

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तहज़ीब समाज की सांस्कृतिक और नैतिक संरचना का सार प्रस्तुत करती है। कविता में, यह अक्सर परंपरा और आधुनिकता के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जिसमें मानव संबंधों की सुंदरता और शिष्टता को उजागर किया जाता है।

कवि तहज़ीब का उपयोग सांस्कृतिक पहचान और पुराने और नए मूल्यों के बीच के तनाव को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो सांस्कृतिक धरोहर के नुकसान या अधिक परिष्कृत अस्तित्व की लालसा को दर्शाते हैं।

तहज़ीब सांस्कृतिक जड़ों में निहित शिष्टता की एक कोमल याद दिलाती है। यह परंपरा और प्रगति के बीच के शाश्वत नृत्य पर चिंतन का आमंत्रण देती है।