Meaning of

तहज़ीब

tahzeeb • برزخ

संस्कृति; शिष्टता; सभ्यता

culture; refinement; civilization

ثقافت; شائستگی; تہذیب

Arabic

अदब, तहज़ीब सब कुछ भूल बैठी है नई नस्लें न जाने देखने को ओर क्या हालात बाक़ी हैं — MAHESH CHAUHAN NARNAULI
कुशल दौनेरिया, तहज़ीब हाफ़ी को सुना है किताबों से ज़ियादा इन की ग़ज़लों को रटा है — ABhishek Parashar
नहीं तहज़ीब बातें करने की औरत से ही साहब नहीं तहज़ीब बातें करने की उस्ताद से तुम को — Sohaib Alvi
जुड़ो तहज़ीब से अपनी मगर शिद्दत से तुम बचना बुरी आदत कोई भी हो बुरी आदत से तुम बचना — Saarthi Baidyanath
होती न अगर जिस्म की तहज़ीब कोई शय जीने के लिए एक तेरी याद बहुत थी — Zafar Gorakhpuri
मियाँ बाज़ार को शर्मिंदा करना क्या ज़रूरी है कहीं इस दौर में तहज़ीब के ज़ेवर बदलते हैं — Shoaib Nizam
लुभाते थे उसे बस आज के शाइ'र सो मैं ने भी पढ़ीं तहजीब की ग़ज़लें करीं अफ़्कार की बातें — Shubham Seth
हमारे घर में ये तहज़ीब अब भी ज़िन्दा है बुज़ुर्ग बोलें तो बच्चे ख़मोश रहते हैं — Shakir Dehlvi

तहज़ीब समाज की सांस्कृतिक और नैतिक संरचना का सार प्रस्तुत करती है। कविता में, यह अक्सर परंपरा और आधुनिकता के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जिसमें मानव संबंधों की सुंदरता और शिष्टता को उजागर किया जाता है।

कवि तहज़ीब का उपयोग सांस्कृतिक पहचान और पुराने और नए मूल्यों के बीच के तनाव को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो सांस्कृतिक धरोहर के नुकसान या अधिक परिष्कृत अस्तित्व की लालसा को दर्शाते हैं।

तहज़ीब सांस्कृतिक जड़ों में निहित शिष्टता की एक कोमल याद दिलाती है। यह परंपरा और प्रगति के बीच के शाश्वत नृत्य पर चिंतन का आमंत्रण देती है।