Meaning of

ताब-ए-सुख़न

taab-e-sukhan • تاب سخن

वाक्पटुता; भाषण की शक्ति

eloquence; power of speech

فصاحت; تقریر کی طاقت

Persian

दिल को मेरे ख़ुदा अभी ताब-ए-सुख़न नहीं लिखने चला हूँ वस्फ़-ए-रूख़-ए-यार देख कर — Shaikh Sohail

'ताब-ए-सुख़न' उस आंतरिक शक्ति और चमक को दर्शाता है जो विचारों को अनुग्रह और प्रभाव के साथ व्यक्त करने के लिए आवश्यक है। कविता में, यह केवल बोलने की क्षमता नहीं, बल्कि एक गहरी सुंदरता के साथ बोलने की क्षमता को दर्शाता है जो श्रोता को प्रभावित करती है।

कवि अक्सर 'ताब-ए-सुख़न' का उपयोग प्रिय या सम्मानित व्यक्ति की वाक्पटुता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह मौन के विपरीत शब्दों की शक्ति को दर्शा सकता है। यह गहरे भावनात्मक क्षणों में सही शब्द खोजने के संघर्ष को भी दर्शा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ताब-ए-सुख़न' शब्दों की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण है। यह हमें वाक्पटुता में निहित सुंदरता की याद दिलाता है।