Meaning of

तारीक

tareek • تاریک

अंधकारमय; उदास

dark; gloomy

تاریک; اداس

Arabic

ऐसी तारीकियाँ आँखों में बसी हैं कि 'फ़राज़' रात तो रात है हम दिन को जलाते हैं चराग़ — Ahmad Faraz
तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है — Aziz Nabeel
तारीकी से जलता है दीवारें इस की हैं मुख़बिर रात में साया एक दिए को तेल लगाके आया है — Raj
तारीकियाँ हैं साथ मिरे और सफ़र मुदाम कल तक था हम-क़दम जो फ़रिश्ता किधर गया — Javed Nadeem

'तारीक' शब्द गहरे अंधकार की भावना को जागृत करता है, जो शाब्दिक और रूपक दोनों है। कविता में, यह अक्सर निराशा, रहस्य, या अज्ञात का प्रतीक होता है, जो एक पृष्ठभूमि बनाता है जिसके खिलाफ प्रकाश और आशा का विरोध किया जाता है।

कवि 'तारीक' का उपयोग विषाद और आत्मनिरीक्षण के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह आत्मा के छायादार कोनों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है, जहाँ भय और संदेह निवास करते हैं, फिर भी जहाँ परिवर्तन के बीज बोए जाते हैं।

'तारीक' में, कविता को मानव मनोविज्ञान की गहराई का पता लगाने के लिए एक कैनवास मिलता है, जहाँ अंधकार और प्रकाश एक नाजुक संतुलन में सह-अस्तित्व रखते हैं।