Meaning of

तारीक़

tareeq • تاریک

अंधेरा; उदास; अस्पष्ट

dark; gloomy; obscure

اندھیرا; اداس; مبہم

Arabic

बात करने का हसीं तौर-तरीक़ा सीखा हम ने उर्दू के बहाने से सलीक़ा सीखा — Manish Shukla
अपनी नज़रों में गिर चुका हूँ मैं ये तरीक़ा भी ख़ुद-कुशी का था — Bhavesh Pathak
ऐसी तारीकियाँ आँखों में बसी हैं कि 'फ़राज़' रात तो रात है हम दिन को जलाते हैं चराग़ — Ahmad Faraz
एक तरीक़ा बर्बादी का, हम ने यूँँ ईजाद किया शब भर तन्हा-तन्हा रोए, मायूसी को शाद किया — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
सच बोलने के तौर-तरीक़े नहीं रहे पत्थर बहुत हैं शहर में शीशे नहीं रहे — Nawaz Deobandi
तरीक़ा मिल ही जाएगा मुझे तुम तक पहुँचने का कि जैसे साँस ख़ुद सीने के रस्ता ढूँढ़ लेती है — Vishnu virat
तारीकियाँ हैं साथ मिरे और सफ़र मुदाम कल तक था हम-क़दम जो फ़रिश्ता किधर गया — Javed Nadeem
वो अपने ख़्वाब मुझे दे के नींद भी ले गया जिसे मैं कह नहीं सकता ये क्या तरीक़ा है — Avinash Chaudhary

'तारीक़' शब्द गहरे अंधकार का आभास कराता है, जो शाब्दिक और रूपक दोनों रूपों में होता है। कविता में, यह अक्सर प्रकाश, आशा, या स्पष्टता की अनुपस्थिति का प्रतीक होता है, जिससे एक गंभीर और आत्मविश्लेषी माहौल बनता है।

'तारीक़' का उपयोग कवि भावनात्मक शून्यता या अस्तित्वगत संकट को दर्शाने के लिए करते हैं। यह प्रकाश और आशा के शब्दों के विपरीत होता है, जिससे निराशा या आत्मविश्लेषण की गहराई बढ़ती है।

'तारीक़' की छाया में, कवि मानव आत्मा की गहराइयों की खोज के लिए एक कैनवास पाते हैं।