Meaning of

तिश्नगी

tishnagi • تشنگی

प्यास; लालसा; इच्छा

thirst; longing; desire

تشنگی; خواہش; آرزو

Persian

तुम सब समझ चुके हो नहीं राज़ ये कोई क्यूँ देखने लगे हैं तुम्हें तिश्नगी से हम — Amaan Pathan
शिद्दत-ए-तिश्नगी में मारे गए हैं हम भी कुछ ही दिन में यहाँ क्या क्या नहीं गुज़रा साहब — Amit Rajvanshi 'Guru'
अभी तो और बढ़ेगी ये तिश्नगी दिल की अभी तो और भी ज़्यादा वो याद आएँगे — Meem Maroof Ashraf
गला ही घोंट देता है वो अपनी तिश्नगी का मैं उस को ज़हर लगता हूँ सो पीता ही नहीं है — Anis shah anis
अलग बैठे थे फिर भी आँख साक़ी की पड़ी हम पर अगर है तिश्नगी कामिल तो पैमाने भी आएँगे — Majrooh Sultanpuri
तिश्नगी अफ़सुर्दगी गुम-गश्तगी बेचारगी हासिल-ए-सहरा-नवर्दी हम ने पाया भी तो क्या — Dharmesh bashar
लबों पर तिश्नगी चाहत की जावेदानी होने तक रहा ठहरा, अना सागर कि पानी पानी होने तक — Anurag Singh Parihar 'Sifar'

'तिश्नगी' का मूल अर्थ शारीरिक प्यास है, लेकिन कविता में, यह एक गहरी लालसा या इच्छा को पकड़ने के लिए विकसित हुआ है। यह एक अतृप्त इच्छा का प्रतीक है जो आत्मा को पूर्ति की ओर ले जाती है, अक्सर अधूरी और शाश्वत।

कवि 'तिश्नगी' का उपयोग मानवीय लालसा की गहराई और संतोष की शाश्वत खोज का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर सांसारिक सुखों की क्षणभंगुर प्रकृति के विपरीत होता है।

काव्यिक परिदृश्य में, 'तिश्नगी' इच्छा की शाश्वत ज्वाला है, जो उज्ज्वल रूप से जलती है फिर भी कभी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं होती।