Meaning of

त'अज्जुब

ta'ajjub • تعجب

आश्चर्य; विस्मय

wonder; astonishment

حیرت; استعجاب

Arabic

थे ख़ुदा को मानने वाले बड़ी तादाद में है तअज्जुब पर ख़ुदा की मानता कोई न था — Rao Nasir
तअज्जुब उन को है क्यूँँ मेरी ख़ुद-कलामी पर हर आदमी का कोई राज़-दाँ ज़रूरी है — Sagheer Malal
हम भी इस मुल्क के ही हैं साहब हम को मत देखिए तअज्जुब से — NEERAJ SAINI
त'अज्जुब तुझ सेे मिलना था बिछड़ने पर भी हैरत है मसीहा वो नहीं था मैं न वो हैवान बन पाया — Chetan
ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई — Zehra Nigaah
बहार-ए-गुलिस्ताँ हम को न पहचाने तअज्जुब है गुलों के रुख़ पे छिड़का है बहुत ख़ून-ए-जिगर हम ने — Salik Lakhnavi
काट लेते हैं उँगली तअज्जुब से दाँतों तले हम जब नई कलियों को फूल बनते हुए देखते हैं — Saahir
ना तअ'ज्जुब के मरासिम मौत के होते हवाले पाए कंधे जब जनाज़े क़ातिलों के हो तअ'ज्जुब — Zain Aalamgir

त'अज्जुब शब्द आश्चर्य और विस्मय की भावना को जगाता है, अक्सर उस क्षण को पकड़ता है जब साधारण असाधारण बन जाता है। कविता में, यह जीवन की अप्रत्याशित सुंदरता या रहस्य को उजागर करके भावनात्मक परिदृश्य को गहरा करता है।

कवि 'त'अज्जुब' का उपयोग रहस्योद्घाटन या अंतर्दृष्टि के क्षणों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रकृति की विस्मय, प्रेम की आश्चर्य, या अस्तित्व के रहस्य को हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'त'अज्जुब' हमें दुनिया के छिपे हुए चमत्कारों पर ठहरने और चकित होने के लिए आमंत्रित करता है।