मुझे उस पे तअज्जुब हो रहा हैजुदा हो कर वो मुझ से रो रहा हैकिसी का रफ़्ता-रफ़्ता हो रहा हैमुझे वो रफ़्ता-रफ़्ता खो रहा है— Avtar Singh Jasser