Meaning of

त'अर्रुफ़

t'arruf • تعارف

परिचय; जान-पहचान

introduction; acquaintance

تعارف; شناسائی

Arabic

त'अर्रुफ़ मोहब्बत दग़ा और नफ़रत तू ने सब सिखाया ब-जुज़ भूलने के — 100rav
मैं त'अर्रूफ़ कर रहा हूँ उस के आईने से अब छोड़ कर अफ़सोस क्या वो कर रहा होगा मुझे — Shiv
फ़ाइदा ये हुआ डूबने से तिश्नगी से तआ'रुफ़ नहीं हैं — Saurabh
चाहे वो हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई हों उलमा का अस्ल तआ़रुफ़ इल्म हुआ करता है — Ramnath Shodharthi
तआ'रुफ़ है दर-पेश आमिर बता दो मैं शाइ'र नहीं हूँ — Aamir Ali
इश्क़ से आश्ना नहीं थे हम फिर तआ'रुफ़ किसी ने करवाया — Sumit Panchal

'त'अर्रुफ़' का मूल अर्थ है स्वयं का परिचय देना या किसी से परिचित होना। कविता में, यह शब्द अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर आत्म-खोज और आंतरिक दुनिया के अनावरण के गहरे क्षेत्रों में प्रवेश करता है।

कवि 'त'अर्रुफ़' का उपयोग पहचान और आत्म-जागरूकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है, चाहे वह वास्तविक हो या रूपक, या छिपे हुए सत्य का अनावरण।

कविता में, 'त'अर्रुफ़' पाठकों को पहचान की परतों और आत्म-खोज की निरंतर यात्रा पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।