Meaning of

दर–ओ–दीवार

dar-o-deewaar • در و دیوار

दरवाज़े और दीवारें; घर की संरचना; घर का प्रतीक

doors and walls; the structure of a house; metaphor for home

دروازے اور دیواریں; گھر کی ساخت; گھر کی علامت

Persian

दर-ओ-दीवार पे हसरत से नज़र करते हैं ख़ुश रहो अहल-ए-वतन हम तो सफ़र करते हैं — Wajid Ali Shah Akhtar
फ़ितरत अगर हो काँच सी, दर-ओ-दीवार की परदे हवा से कब तलक इज़्ज़त बचाएँगे — Aadil Sulaiman
महबूब को नज़रों के दरीचे में बिठा कर करते रहो रौशन दर-ओ-दीवार ग़ज़ल के — Nazim Raza Richhaavi
वो ही चेहरा वो ही आँखें वो ही दस्त-ओ-बाज़ू दर-ओ-दीवार न बदली न ही वो घर मेरा — Sanjay Bhat
दर-ओ-दीवार से रौशन नहीं होता मकाँ कोई जहाँ ख़ुशियाँ नहीं होती वो घर भी घर नहीं होता — Hasan Raqim
हर इक सू हैं दर-ओ-दीवार लेकिन मुयस्सर है नहीं घर-बार लेकिन — Umrez Ali Haider

यह वाक्यांश घर की भौतिकता को दर्शाता है, लेकिन कविता में यह अक्सर उस भावनात्मक और आध्यात्मिक आश्रय का प्रतीक बन जाता है जो एक घर प्रदान करता है। दीवारें और दरवाज़े केवल बाधाएँ नहीं हैं, बल्कि यादों और भावनाओं के रक्षक हैं।

'दर–ओ–दीवार' का उपयोग कवि अक्सर व्यक्तिगत स्थानों की निकटता और पवित्रता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह एक पारिवारिक घर की गर्माहट या एक परित्यक्त घर की एकांतता को प्रतिबिंबित कर सकता है। यह वाक्यांश बाहरी दुनिया की विशालता के विपरीत भी हो सकता है।

कविता में, 'दर–ओ–दीवार' एक ऐसा कैनवास बन जाता है जिस पर घर के भीतर जीवन की गूंज और अपनत्व की भावना को खोजा जाता है।