Meaning of

दिल-बर

dil-bar • دل بر

प्रिय; दिल की चाहत

beloved; heart's desire

محبوب; دل کی خواہش

Persian

निकल तो आए हम घर से तुम्हारी याद को ले कर मगर जाएँ कहाँ अब इस दिल-ए-बर्बाद को ले कर — Jitendra Tiwari
हमें सिखला रहा है वो अरे अब प्यार की बातें वही जो दो दिनों में ही सभी दिल-बर बदलता है — Raunak Karn
बिन बादल बरसात आई है,आने दो, उस के घर बारात आई है, आने दो — Shubham Dwivedi
कुछ हम मिज़ाजियों की महफ़िल कोई लगी शाइ'र का नाम सुन कर बादल बरस पड़े — Krish Gour 'Jazbaat'
दिलबरी का काम भी क्या ख़ूब है मेरा पास मेरे जान के बैठा करे कोई — Rakesh Mahadiuree
इस पे क्या रोना कि तुम मुझ को नहीं मिल पाए लाख बादल बरसे, धरती कब मिलेगी उस को — Intzar Akhtar
अब तो मेरे सारे सावन बीत गए बिन मौसम अब बादल बरसे उस सेे क्या — Shobhit Dixit
बिन बादल बरसात आई है,आने दो, उस के घर बारात आई है, आने दो — Shubham Dwivedi

'दिल-बर' अपने मूल में एक प्रिय व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है, जो दिल में एक विशेष स्थान रखता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि किसी के प्रिय के लिए गहरी लालसा और स्नेह को व्यक्त किया जा सके, अक्सर यह एक लंबी प्रतीक्षा और समर्पण की तस्वीर पेश करता है।

'दिल-बर' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम और लालसा की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अप्राप्य या गहराई से प्रिय का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर उन छंदों में दिखाई देता है जो अलगाव और पुनर्मिलन के विषयों का अन्वेषण करते हैं।

कविता की दुनिया में, 'दिल-बर' प्रेम की गहरी गहराइयों का एक शाश्वत प्रतीक बना रहता है।