Meaning of

दिल-बर

dil-bar • دل بر

प्रिय; दिल की चाहत

beloved; heart's desire

محبوب; دل کی خواہش

Persian

बिन बादल बरसात आई है,आने दो,
उस के घर बारात आई है, आने दो

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बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की

जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा
बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की

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दिलबरी का काम भी क्या ख़ूब है मेरा
पास मेरे जान के बैठा करे कोई

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निकल तो आए हम घर से तुम्हारी याद को ले कर
मगर जाएँ कहाँ अब इस दिल-ए-बर्बाद को ले कर

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इस पे क्या रोना कि तुम मुझ को नहीं मिल पाए
लाख बादल बरसे, धरती कब मिलेगी उस को

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हमें सिखला रहा है वो अरे अब प्यार की बातें
वही जो दो दिनों में ही सभी दिल-बर बदलता है

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अब तो मेरे सारे सावन बीत गए
बिन मौसम अब बादल बरसे उस सेे क्या

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बिन बादल बरसात आई है,आने दो,
उस के घर बारात आई है, आने दो

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क्या ये मौसम बदलेगा
क्या ये पत्थर पिघलेगा

बिन बादल बरसातें हैं
दिन को सूरज निकलेगा

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कुछ हम मिज़ाजियों की महफ़िल कोई लगी
शाइ'र का नाम सुन कर बादल बरस पड़े

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बिन बादल बरसात आई है,आने दो,
उस के घर बारात आई है, आने दो

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बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की

जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा
बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की

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'दिल-बर' अपने मूल में एक प्रिय व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है, जो दिल में एक विशेष स्थान रखता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि किसी के प्रिय के लिए गहरी लालसा और स्नेह को व्यक्त किया जा सके, अक्सर यह एक लंबी प्रतीक्षा और समर्पण की तस्वीर पेश करता है।

'दिल-बर' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम और लालसा की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अप्राप्य या गहराई से प्रिय का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर उन छंदों में दिखाई देता है जो अलगाव और पुनर्मिलन के विषयों का अन्वेषण करते हैं।

कविता की दुनिया में, 'दिल-बर' प्रेम की गहरी गहराइयों का एक शाश्वत प्रतीक बना रहता है।