Meaning of

दीद

deed • دید

दृष्टि; नज़र; झलक; लालसा

sight; vision; glance; longing

نظر; دید; جھلک; آرزو

Persian

ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का

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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन
हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे

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कमरे में सिगरेटों का धुआँ और तेरी महक
जैसे शदीद धुँध में बाग़ों की सैर हो

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मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद
ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े

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किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी
उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं

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हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं

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जिस शाने पर सर रखते हो उस शाने पर सो जाते हो
जाने कैसे दीदावर हो हर मंज़र में खो जाते हो

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दीदनी है शिकस्तगी दिल की
क्या इमारत ग़मों ने ढायी है!

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ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का

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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

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अपने मूल में, 'दीद' देखने की क्रिया को पकड़ता है, एक क्षण जब दुनिया आँखों के सामने खुलती है। कविता में, यह मात्र दृष्टि से आगे बढ़कर लालसा और इच्छा का माध्यम बन जाता है, जहाँ एक झलक में अनकही भावनाओं का भार समाहित होता है।

'दीद' का उपयोग कवि अक्सर पहली मुलाकात की तीव्रता या प्रेमियों के बीच मौन संवाद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह कुछ अप्राप्य की लालसा का भी संकेत दे सकता है, जहाँ आँखें वह कहती हैं जो होंठ नहीं कह सकते।

कविता के क्षेत्र में, 'दीद' मात्र दृष्टि नहीं है; यह आत्मा की मौन भाषा है।