Meaning of

दीद

deed • دید

दृष्टि; नज़र; झलक; लालसा

sight; vision; glance; longing

نظر; دید; جھلک; آرزو

Persian

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख — Allama Iqbal
अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे — Jawwad Sheikh
मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े — Umair Najmi
हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं — Waseem Barelvi
दीदनी है शिकस्तगी दिल की क्या इमारत ग़मों ने ढायी है! — Meer Taqi Meer
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा — Allama Iqbal
कमरे में सिगरेटों का धुआँ और तेरी महक जैसे शदीद धुँध में बाग़ों की सैर हो — Umair Najmi
किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं — Ali Zaryoun
जिस शाने पर सर रखते हो उस शाने पर सो जाते हो जाने कैसे दीदावर हो हर मंज़र में खो जाते हो — Poonam Yadav
ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का — Unknown

अपने मूल में, 'दीद' देखने की क्रिया को पकड़ता है, एक क्षण जब दुनिया आँखों के सामने खुलती है। कविता में, यह मात्र दृष्टि से आगे बढ़कर लालसा और इच्छा का माध्यम बन जाता है, जहाँ एक झलक में अनकही भावनाओं का भार समाहित होता है।

'दीद' का उपयोग कवि अक्सर पहली मुलाकात की तीव्रता या प्रेमियों के बीच मौन संवाद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह कुछ अप्राप्य की लालसा का भी संकेत दे सकता है, जहाँ आँखें वह कहती हैं जो होंठ नहीं कह सकते।

कविता के क्षेत्र में, 'दीद' मात्र दृष्टि नहीं है; यह आत्मा की मौन भाषा है।