Meaning of

दीवार-ओ-दर

deewar-o-dar • دیوار و در

दीवारें और दरवाज़े; घर; आश्रय

walls and doors; home; sanctuary

دیواریں اور دروازے; گھر; پناہ گاہ

Persian

वरना तो ये दीवार-ओ-दर लगता है तुम होती हो घर में तो घर लगता है — Bhaskar Shukla
दीवार-ओ-दर पे 'कृष्णा' की लीला के नक़्श है मंदिर है ये तो 'कृष्ण' के दरबार की तरह — Shobha Kukkal
हाल-ए-दिल दीवार-ओ-दर से यूँँ बयाँ करते रहे रात भर रह रह के हम आह-ओ-फ़ुग़ाँ करते रहे — Shadab Shabbiri
शहर गुम-सुम रास्ते सुनसान घर ख़ामोश हैं क्या बला उतरी है क्यूँँ दीवार-ओ-दर ख़ामोश हैं — Azhar Naqvi
दीवार-ओ-दर चुप थे सो घर की घर में बात रही — Sohil Barelvi

'दीवार-ओ-दर' मूल रूप से दीवारों और दरवाज़ों की भौतिक संरचना को दर्शाता है, जो घर की सुरक्षा और अंतरंगता का प्रतीक है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर अपनापन, सुरक्षा और व्यक्तिगत स्थानों को परिभाषित करने वाली भावनात्मक सीमाओं की भावना को जागृत करता है।

कवि अक्सर 'दीवार-ओ-दर' का उपयोग घर और आश्रय की थीम को खोजने के लिए करते हैं। यह हृदय की शरण या उन बाधाओं का प्रतीक हो सकता है जो सुरक्षा और अलगाव दोनों प्रदान करती हैं। यह वाक्यांश आराम के स्थान के लिए एक प्रकार की लालसा और पुरानी यादों की भावना को जागृत करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'दीवार-ओ-दर' उन स्थानों के लिए एक रूपक बन जाता है जिन्हें हम संजोते हैं और उन सीमाओं का सम्मान करते हैं। यह हमारे अंतरतम आश्रयों का मौन रक्षक है।