Meaning of

दैर

dair • دیر

मंदिर; मठ; देरी

temple; monastery; delay

مندر; دیر; تاخیر

Persian

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है — Allama Iqbal
आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं — Nasir Kazmi
आज मिलना था बिछड़ जाने की निय्यत से हमें आज भी वो देर से पहुँचा है कितना तेज़ है — Tehzeeb Hafi
मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर — Zia Mazkoor
मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा तेरा वा'दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा — Sahir Ludhianvi
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है — Bashir Badr
हम किसी को राह में कुछ देर भी तक लें अगर पागलों को जो मिले तो सब के सब पागल मिले — nakul kumar
मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले अब बहुत देर में आज़ाद करूँँगा तुझ को — Jaun Elia
तुम अपने बारे में कुछ देर सोचना छोड़ो तो मैं बताऊँ कि तुम किस क़दर अकेले हो — Waseem Barelvi

अपने मूल अर्थ में, 'दैर' एक पूजा स्थल को संदर्भित करता है, जो अक्सर एकांत और आध्यात्मिक चिंतन की छवियों को उभारता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर हृदय के आश्रय का प्रतीक बन जाता है, जहाँ व्यक्ति के अंतरतम विचार और भावनाएँ निवास करती हैं।

कवि अक्सर 'दैर' का उपयोग 'हरम' के विपरीत करते हैं, सांसारिक इच्छाओं और आध्यात्मिक आकांक्षाओं के बीच तनाव को उजागर करते हैं। यह पवित्र और अपवित्र के बीच आंतरिक संघर्ष के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'दैर' आत्मा की यात्रा को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह हमारे भीतर के पवित्र स्थानों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।